कल दादी का घर बिक जाएगा, और अठारह साल के थियो मार्श के पास उसकी अटारी में बस एक आख़िरी दोपहर बची है। तभी मॉथविक नाम का एक नटखट पतंगा युगों की घड़ी के चक्र चुरा ले जाता है। समय थम जाता है, और पुराने संदूक दूसरे युगों की किस्से-कहानियों वाली दुनियाओं में खुल जाते हैं। अचरज से भरा एक पारिवारिक रोमांच, जिसमें घर लौटने का रास्ता हमेशा अटारी से होकर जाता है।

गेम्स फ़ॉर द ब्रेन